10.3.10

क्या रिटायरमेंट शब्द सिर्फ बूढों के लिए है ?

आज सुबह जब बिस्तर छोड़े तो दिल बड़ा खुश था और मन ही मन में सोच रहा था की आज का दिन बहुत अच्छी तरह से गुजरेगा . सुकून के अंगड़ाई लेते हुए बाथरू म में नागिन फिल्म का यह पुराना गाना गाते हुए "मेरा मन डोले मेरा तन डोले " नहाने धोने की तैयारी कर रहा था की अचानक एक आवाज बड़ी जोर से गूंजी क्यों बे महेंद्र अबे तेरी उम्र क्या है जो नौकरी से रिटायरमेंट ले लिया और तो और इस बात को मुझसे छुपाये रख्खा . उनकी आवाज सुनकर मै समझ गया है की ये आवाज मेरे दादा जी की है .

डरते डरते मै यह सोचकर बाथ रूम से बाहर निकला की अब सच का सामना सफाई देने के साथ आखिर करना ही पड़ेगा . जैसे ही बाहर निकला दादाजी फिर जोर से दहाड़ते हुए बोले अबे तू क्या बूढा हो गया है अभी तेरी उम्र ही क्या है . सरकार तो साठ और बासठ साल की उम्र में नौकरी से रिटायर कर रही हैं . अबे तूने इंक्यवान बसंत ही पार किये है क्या तू साठ बासठ का बूढा हो गया है जो तूने इतनी जल्दी नौकरी को बाय बाय कह दी .

मैंने कहा दादाजी मै बूढा अभी नहीं हुआ हूँ . रिटायरमेंट ले लेने का अर्थ क्या बूढा हो जाना होता हैं . दादाजी मेरी नौकरी अठारह साल की उम्र में लग गई थी और मैंने तो पूरे ठाक्का ठाही के साथ पूरे तैतीस साल दस माह तक नौकरी की है . आज रिटायरमेंट और बूढ़े शब्द को लेकर मेरा दिमाग खराब हो रहा है अरे कोई है जो मेरे दादाजी को समझाये की बुढ़ापे का सम्बन्ध रिटायरमेंट से कतई नहीं है और मैंने इतनी नौकरी करने के बाद रिटायरमेंट ले लिया मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है पर मेरे इन बुढऊ दादाजी को कौन समझाये पूरे ढ़ाक के पात हैं जी .

महेंद्र मिश्र जबलपुर.

17 टिप्‍पणियां:

अजय कुमार ने कहा…

सक्रिय व्यक्ति कभी रिटायर नही होता ।आपकी सक्रियता किसी प्रमाण की मोहताज नही है ।

ललित शर्मा ने कहा…

Abhi aap sevanivritt kahan huye hain.
jis din blog se nivritt hoge usdin mana
jayega. ye to apne blogging karne ke liye
naukari ko viram diya hai.
naukari blogging me vyavdhan paida kar rahi thi:)

jai ho misir ji

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

अजय जी ने सही कहा है ,कि सक्रियता किसी प्रमाण की मोहताज नही

Arvind Mishra ने कहा…

आप भी दादा जी के साथ बुढाऊ बन जाईये न !कम से कम दिखने में ही सही .

राज भाटिय़ा ने कहा…

आजी हम तो दादा पोतॆ के बीच नही बोलेगे..... नही तो दोनो बुढाऊ मेरे से लडने लग जायेगे :)
महेंदर जी थोडा मजाक भी चलता है, आप को मै केसे बुढाऊ बोल सकता हुं जब कि मै आप से बडा हू

JHAROKHA ने कहा…

ajaya ji ki baat se main samat hun. waakai sakriyata kisi pramaan ki mohataaj nahin.
poonam

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

दादाजी बिल्कुल सही कह रहे हैं. अब आप रिटायरमैंट ले लिये तो हम तो आपको बुढऊ ही बोलेंगे ना?:) हो तो गये अब आप भी बुढऊ...भले ना माने ..ये आपकी मर्जी.

रामराम

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

ताउजी
प्रणाम
जब सबके विचार हैं तो मुझे कोई एतराज नहीं है अब मै भी आपकी जमात में शामिल हो गया हूँ ..... अब तो फुरसतिया बु ढऊ ब्लागर एसोसिएसन भी बनाने का विचार कर रहा हूँ ... आपका क्या ख्याल है ... बु ढऊ मंडली हा हा हा

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

@ महेंद्र मिश्र जी,

लो जी जब आप राजी तो क्या कर लेगा काजी?

आप तो बनाओ. पर हमको अध्यक्ष बनाओ तो ही हम भी शामिल होंगे. सेकेरेटरी आप बन जावो. बाकी के बुढ्ढों को भी अडजस्ट कर के घोषणा कर दिजिये. BBA की यानि "बुढऊ ब्लागर्स एसोसियेशन"

रामराम.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

ताउजी
आपका आदेश सर आँखों पर . समस्या बस एक है बूढऊ लोगो की खोजने की .. काय से ब्लागजगत (नेट पर) में बूढऊ लोगो को खोजना आसान काम नहीं है और यहाँ युवा और बुजुर्ग लोगो को बायफ़रकेट करना मुश्किल काम है यहाँ बुड्डे भी ब्लॉग पर अपनी जवानी के दिनों की फोटो जड़े बैठे है .... हा हा हा .

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

@ महेंद्र मिश्र जी

अब आप आराम से BBA के सेकेरेटरी का पद संभालिये....हम पाताल से इन बुढऊ लोगों को खोज कर निकाल लायेंगे. कल विज्ञापन देते हैं.:)

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

ताउजी,
जी हुजूर . अध्यक्ष का काम ही होता है लोगो को एकजुट बनाए रखना ... एक सलाह शासकीय गजट में प्रकाशित करा दें तो अच्छा रहेगा
जय हो "बुढऊ ब्लागर्स एसोसियेशन" की .

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

@ महेंद्र मिश्र जी.

जबसे बुढऊ लोगों को मालूम पदा है तबसे लाईन लग गई है. मैं अध्यक्ष ..आप सेकेरेटरी...इसके अलावा तीन बुढ्ढों को और एडमिशन दिया है. कुल पांच हो गये.

बाकी लोगों को भी जांच पश्चात एडमिशन दिया जायेगा. और इस बारे में कल एक पोस्ट ताऊ डाट इन पर संभावित है.

रामराम.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

जी बस गांधीजी के तीन तिलंगे बुड्डो को न रखना जी नहीं तो दिन भर का स्वाद खराब हो जाएगा...शब्बाखैर

Udan Tashtari ने कहा…

अजी, बुढ़ापा उम्र से नहीं, दिमाग से आता है. आप तो मेरी जमात में बने रहिये...चिर यंग!!

बाकी इन बुढ़ों की टिप्पणियों पर ध्यान न दें..जय जवान!!

Dr. Smt. ajit gupta ने कहा…

अरे आप क्‍यों हम जैसे लोगों को बूढ़ा कह रहे हैं? हमने तो 13 साल पहले ही गुलामी की जंजीरों को तोड़कर स्‍वतंत्रता का वरण किया था तो हम तो हौसले वाले लोग हैं। हौसला तो युवाओं में होता है, बूढ़ों में नहीं। नाहक ही अपने आपको और साथ में हमको क्‍यों बूढ़ा कह रहे हैं। अपने दादाजी से कहना कि लेखक कभी बूढ़ा नहीं होता और ब्‍लागर तो कभी भी नहीं। क्‍योंकि लेखक को कोई पढ़े या नहीं लेकिन ब्‍लागर तो टिप्‍पणियों के सहारे ही हरा-भरा रहता है।

बवाल ने कहा…

हा हा पंडितजी,
दद्दू को बतला देते कि आपने रिटायरमेंट नहीं लिया है बल्कि रिटायरमेंट ने आपको ले लिया है। क़ाबिल लोगों का अपाइंटमेंट तो आजकल हर कंपनी करती है। है कि नहीं ?