16.5.10

मेरा एक प्राब्लम : कृपया इन वायरसों से निपटने हेतु निदान बताये

ब्लागिंग करते तीन वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है . प्रारंभ में जब ब्लागिंग शुरू की थी तो यहाँ का वातावरण बड़ा अच्छा लगता था . टिप्पणी मिलने पर बड़ा खुश हो जाता था और फिर लिखने की एक धुन सवार हो जाती थी . खूब जी भरकर लिखा . कलमकारों की रचनाये, लेख, व्यंग्य खूब पढ़ने में मन लगता था . एक ब्लॉग समयचक्र लिखा न जाने किसकी नजर लग गई वह ब्लॉग परलोक गमन कर गया . बड़ी खीज हुई फिर दुखित मन हो गया फिर दो ब्लॉग एक नया समयचक्र और निरंतर बना डाला .

ब्लागवाणी और चिटठाजगत में इन्हें पंजीकृत कराया . फिर बड्डे की चर्चा पढ़ने मिली खूब जी भरकर टीपा . उन्होंने कुछ रचनाओं को चर्चा में जगह दी . खुश हो गया . एक दिन बड्डे के चेलों ने मेरी बखिया उखाड़ना शुरू कर दी तो मेरी बुद्धि ने तत्काल उन्हें जड़ से पहचानने में देरी न की . अपुन का दिमाग भन्ना गया की अपनों की क्यों बात होती है ..

अपुन ने भी सब भाईओ बहिनों की पोस्टो को मिलकर एक चिट्ठी समयचक्र में लिखना शुरू कर दी . सभी के ब्लॉग पढ़ते पढ़ते फिर अपुन की बुद्धि ने जल्दी पहचान लिया की ब्लागजगत में सिवाय मगजमारी के कुछ नहीं हैं यहाँ तो ढेर सारे वायरस फ़ैल गए हैं . उठापटक करने वाले, धक्कामुक्की करने वाले, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले, गालीगलौज करने वाले, छोटा बड़ा(छोटा और बड्डा) का आंकलन करने वाले विषाणु, अपनी अपनी ढपली अपना राग अलापने वाले, धार्मिक वातावरण विषाक्त करने वाले विषाणु, गुटिंग करने वाले विषाणु आदि प्रवेश कर गए हैं अब इनका कैसे निदान किया जाए की हिंदी ब्लागजगत का वातावरण शांत और गरिमामय हो जाए और हिंदी भाषा की चमक विश्व में फैले . कृपया मुझे बताये की इनके लिए कौन सा एंटी वायरस (साफ्ट वेअर) उपयोगी रहेगा ?.

14 टिप्‍पणियां:

माधव ने कहा…

पर उपाय तो कुछ नहीं है

http://madhavrai.blogspot.com/

http://qsba.blogspot.com/

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

अपने में मस्त रहें !
फिर ये वायरस कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे :)

Udan Tashtari ने कहा…

बस सार्थक और उम्दा लेखन करते रहें, वही सही राह है.

अच्छे लेखन पर कोई वायरस प्रभाव नहीं डालता. निश्चिंत रहें.

राज भाटिय़ा ने कहा…

इन्हे देखो ही मत, इन पर ध्यान ही मत दे, बस यही इलाज है इन कीटो का

ललित शर्मा ने कहा…

अब आप ही कोई उपाय बताइए दादाजी

अच्छी पोस्ट है।

आभार

भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं

वन्दना ने कहा…

koi upay nahi.

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

ये लाइलाज बायरस है.

M VERMA ने कहा…

वायरस में ध्यान से देखेंगे तो 'रस' शब्द छिपा है. आप रस लें इन वायरसों के क्रियाकलापों का यही निदान है.

aarya ने कहा…

सादर वन्दे!
आपने वो कहावत तो सुनी होगी की
"ढेर जोगी मठ उजाड़" यहाँ यही हालत है,
रत्नेश त्रिपाठी

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

यह तो कोई जानकार ही बता पायेगा,मेरे बस का नहीं है.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

यह तो कोई जानकार ही बता पायेगा,मेरे बस का नहीं है.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

चरैवेति! चरैवेति!!

शरद कोकास ने कहा…

एक अंटिवायरस सहिष्णुता है एक भाईचारा है । एक एंटीवायरस और है दूसरों का सम्मान । लेकिन मुश्किल यह है कि जब यह सब जगह काम करेंगे तभी ये वायरस दूर होंगे ।

Kumar Jaljala ने कहा…

महिलाओं में श्रेष्ठ ब्लागर कौन- जीतिए 21 हजार के इनाम
पोस्ट लिखने वाले को भी मिलेगी 11 हजार की नगद राशि
आप सबने श्रेष्ठ महिला ब्लागर कौन है, जैसे विषय को लेकर गंभीरता दिखाई है. उसका शुक्रिया. आप सबको जलजला की तरफ से एक फिर आदाब. नमस्कार.
मैं अपने बारे में बता दूं कि मैं कुमार जलजला के नाम से लिखता-पढ़ता हूं. खुदा की इनायत है कि शायरी का शौक है. यह प्रतियोगिता इसलिए नहीं रखी जा रही है कि किसी की अवमानना हो. इसका मुख्य लक्ष्य ही यही है कि किसी भी श्रेष्ठ ब्लागर का चयन उसकी रचना के आधार पर ही हो. पुऱूषों की कैटेगिरी में यह चयन हो चुका है. आप सबने मिलकर समीरलाल समीर को श्रेष्ठ पुरूष ब्लागर घोषित कर दिया है. अब महिला ब्लागरों की बारी है. यदि आपको यह प्रतियोगिता ठीक नहीं लगती है तो किसी भी क्षण इसे बंद किया जा सकता है. और यदि आपमें से कुछ लोग इसमें रूचि दिखाते हैं तो यह प्रतियोगिता प्रारंभ रहेगी.
सुश्री शैल मंजूषा अदा जी ने इस प्रतियोगिता को लेकर एक पोस्ट लगाई है. उन्होंने कुछ नाम भी सुझाए हैं। वयोवृद्ध अवस्था की वजह से उन्होंने अपने आपको प्रतियोगिता से दूर रखना भी चाहा है. उनके आग्रह को मानते हुए सभी नाम शामिल कर लिए हैं। जो नाम शामिल किए गए हैं उनकी सूची नीचे दी गई है.
आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने-अपने ब्लाग पर निम्नलिखित महिला ब्लागरों किसी एक पोस्ट पर लगभग ढाई सौ शब्दों में अपने विचार प्रकट करने हैं। रचना के गुण क्या है। रचना क्यों अच्छी लगी और उसकी शैली-कसावट कैसी है जैसा उल्लेख करें तो सोने में सुहागा.
नियम व शर्ते-
1 प्रतियोगिता में किसी भी महिला ब्लागर की कविता-कहानी, लेख, गीत, गजल पर संक्षिप्त विचार प्रकट किए जा सकते हैं
2- कोई भी विचार किसी की अवमानना के नजरिए से लिखा जाएगा तो उसे प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जाएगा
3- प्रतियोगिता में पुरूष एवं महिला ब्लागर सामान रूप से हिस्सा ले सकते हैं
4-किस महिला ब्लागर ने श्रेष्ठ लेखन किया है इसका आंकलन करने के लिए ब्लागरों की एक कमेटी का गठन किया जा चुका है. नियमों व शर्तों के कारण नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है.
5-जिस ब्लागर पर अच्छी पोस्ट लिखी जाएगी, पोस्ट लिखने वाले को 11 हजार रूपए का नगद इनाम दिया जाएगा
6-निर्णायकों की राय व पोस्ट लेखकों की राय को महत्व देने के बाद श्रेष्ठ महिला ब्लागर को 21 हजार का नगद इनाम व शाल श्रीफल दिया जाएगा.
7-निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा.
8-किसी भी विवाद की दशा में न्याय क्षेत्र कानपुर होगा.
9- सर्वश्रेष्ठ महिला ब्लागर एवं पोस्ट लेखक को आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आने-जाने का मार्ग व्यय भी दिया जाएगा.
10-पोस्ट लेखकों को अपनी पोस्ट के ऊपर- मेरी नजर में सर्वश्रेष्ठ ब्लागर अनिवार्य रूप से लिखना होगा
ब्लागरों की सुविधा के लिए जिन महिला ब्लागरों का नाम शामिल किया गया है उनके नाम इस प्रकार है-
1-फिरदौस 2- रचना 3-वंदना 4-संगीता पुरी 5-अल्पना वर्मा- 6 –सुजाता चोखेर 7- पूर्णिमा बर्मन 8-कविता वाचक्वनी 9-रशिम प्रभा 10- घुघूती बासूती 11-कंचनबाला 12-शेफाली पांडेय 13- रंजना भाटिया 14 श्रद्धा जैन 15- रंजना 16- लावण्यम 17- पारूल 18- निर्मला कपिला 19 शोभना चौरे 20- सीमा गुप्ता 21-वाणी गीत 21- संगीता स्वरूप 22-शिखाजी 23 –रशिम रविजा 24- पारूल पुखराज 25- अर्चना 26- डिम्पल मल्होत्रा, 27-अजीत गुप्ता 28-श्रीमती कुमार.
तो फिर देर किस बात की. प्रतियोगिता में हिस्सेदारी दर्ज कीजिए और बता दीजिए नारी किसी से कम नहीं है। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तारीख 30 मई तय की गई है.
और हां निर्णायकों की घोषणा आयोजन के एक दिन पहले कर दी जाएगी.
इसी दिन कुमार जलजला का नया ब्लाग भी प्रकट होगा. भाले की नोंक पर.
आप सबको शुभकामनाएं.
आशा है आप सब विषय को सकारात्मक रूप देते हुए अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएंगे.
सबका हमदर्द
कुमार जलजला