24.9.09

पहली मुलाकात में आप हमारे अजीज हो गए

पहली मुलाकात में आप हमारे अजीज हो गए
क्या कहें हम आपको पाकर खुशनसीब हो गए.
हम कहना चाहते थे बहुत कुछ पर कह न पाए
आपको देखे वगैर हम आपसे कुछ कह न पाए .

11 टिप्‍पणियां:

M VERMA ने कहा…

आपकी इनायत कि हम आपके अज़ीज हो गये
आपके स्नेह के सायेतले हम तो फ्रीज हो गये

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वाह...!
आपने इस शेर में तो लोने में समन्दर समा दिया।
बधाई!

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत ही उम्दा रचना।

राज भाटिय़ा ने कहा…

चलो अच्छा हुआ, अब भटकना नही होगा इधर उधर

Udan Tashtari ने कहा…

सही है!

Babli ने कहा…

मुझे तो इस बात पर आश्चर्य लग रहा है आखिर मुझ पर ऐसा घिनौना इल्ज़ाम क्यूँ लगाया गया? मैं भला अपना नाम बदलकर किसी और नाम से क्यूँ टिपण्णी देने लगूं? खैर जब मैंने कुछ ग़लत किया ही नहीं तो फिर इस बारे में और बात न ही करूँ तो बेहतर है! आप लोगों का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद सदा बना रहे यही चाहती हूँ!
वाह वाह क्या बात है! बहुत ही सुंदर और शानदार रचना लिखा है आपने!

दर्पण साह "दर्शन" ने कहा…

हम कहना चाहते थे बहुत कुछ पर कह न पाए
आपको देखे वगैर हम आपसे कुछ कह न पाए .


bus isi vajah se bina kuch tipyaye hi ja raha hoon...

sundar rachna hai !

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अति उम्दा.

रामराम.

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

वाह, पहली मुलाकात में ही इतना असर...बढ़िया रचना..बधाई

वन्दना ने कहा…

badhiya hai.

Suman ने कहा…

आपको देखे वगैर हम आपसे कुछ कह न पाए . nice