वाह मिश्र जी, बहुत खूब!
यादों को तो बहाना चाहियेसुन्दर
short and sweet
यादों की मस्ती---
sundar rachna.
हम बादलों से कहेंगे, चाँद छिपा ले कहीं,तेरी यादों को बहला देता है, निकलना चाँद का ।
बहुत खुब सुरत लगी आप कि यादो की मस्ती जी
कमाल की रचना। अच्छा लगा।
आज़ गुरु छोटी किंतु ग़ज़ब पोस्ट वाह वाह
बढियाँ, उमंग से भरा ||
सहेज कर रखिए इस याद को.
हमारा एक छोटा सा प्रयास है इन्टरनेट पर उपलब्ध हास्य व्यंग लेखो को एक साथ एक जगह पर उपलब्ध करवाने का, सभी इच्छुक ब्लोगर्स आमंत्रित हैहास्य व्यंग ब्लॉगर्स असोसिएशन सदस्य बने
touching lines !
baht khub
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16 टिप्पणियाँ:
वाह मिश्र जी, बहुत खूब!
यादों को तो बहाना चाहिये
सुन्दर
short and sweet
यादों की मस्ती---
यादों की मस्ती---
यादों की मस्ती---
sundar rachna.
हम बादलों से कहेंगे, चाँद छिपा ले कहीं,
तेरी यादों को बहला देता है, निकलना चाँद का ।
बहुत खुब सुरत लगी आप कि यादो की मस्ती जी
कमाल की रचना। अच्छा लगा।
आज़ गुरु छोटी किंतु ग़ज़ब पोस्ट वाह वाह
बढियाँ, उमंग से भरा ||
सहेज कर रखिए इस याद को.
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