23.12.09

टूटे दिल की आस : हर साँस चलती है ओ जानम तेरे नाम से

मेरी हर साँस चलती है ओ जानम तेरे नाम से
मेरी हर रात यूं कटती है ओ जानम तेरी याद में.
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जानम कुर्बान हम तेरी प्यारी सूरत देख कर हो गए
तुमसे मोहब्बत करके जानम हम बदनाम हो गए.
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तेरा करते करते इंतज़ार सारी जिन्दगी गुजर गई
आपसे एक अर्ज है आशियाँ इस दिल को बना लो.

10 टिप्‍पणियां:

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

तेरा करते करते इंतज़ार सारी जिन्दगी गुजर गई
आपसे एक अर्ज है आशियाँ इस दिल को बना लो

kitani sundar abhivyakti hai..bahut badhiya rachana..badhai

महफूज़ अली ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति के साथ..... सुंदर रचना....

Mithilesh dubey ने कहा…

bahut badhiya , kya bat hai , lajwab .

ललित शर्मा ने कहा…

मिसिर जी गोड लागी, कल हमने गिरीश पंकज भैया से एक प्रेमगीत की गुजारिश की थी जो उन्हो्ने पुरी की, कुछ मौसम ही ऐसा हो गया है,
बधाई हो सुंदर अभिव्यक्ति के लिए।

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत बढिया रचना !!

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत मस्त कविता जी

M VERMA ने कहा…

बहुत खूब
आशियाँ तो बनेगा ही

वन्दना ने कहा…

sundar bhav.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

तेरा करते करते इंतज़ार सारी जिन्दगी गुजर गई
आपसे एक अर्ज है आशियाँ इस दिल को बना लो.

हमेशा साथ रहनेकी अच्छी जुगाड़ है ......... सुंदर है सब शेर ........

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत बढिया मिश्र जी, शुभकामनाएं.

रामराम.