3.2.10

कुछ चुटकुले हँसने के लिए ....

एक रेस्टारेंट के मैनेजर से एक ग्राहक ने शिकायत की तुम्हारे यहाँ के नौकर बड़े बदतमीज हैं बार बार आवाज देकर बुलाने पर भी नहीं आते हैं .
रेस्टारेंट के मैनेजर ने ग्राहक से खेद प्रगट करते हुए नौकरों को उसके सामने इन शब्दों में कुछ इस तरह से फटकार लगे - गधे पाजी नामाकूल साहब कब से कुत्ते की तरह भौक रहे हैं और तू है की सुनता नहीं . अगर यही हाल सर्विस का रहा तो कौन उल्लू का पट्ठा यहाँ दोबारा आयेगा .
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प्रेमिका - क्या तुम मुझसे प्रेम करते हो ?
प्रेमी - इसमें क्या संदेह है .
प्रेमिका - तो क्या तुम मेरे लिए मर भी सकते हो ?
प्रेमी - नहीं प्रिये मेरा अमर प्रेम है.
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टिर्री टिर्रा से - एक नई बीमा की योजना बनी है जो बहुत अच्छी है जब तुम नब्बे के हो जाओगे तो तुम्हें हर माह ढाई सौ रुपये मिलने लगेंगे इस तरह आप अपने माँ बाप के लिए बौझा साबित नहीं होंगे .
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एक साहब ने अपनी नई नवेली स्टेनो को एक लंबी चिट्ठी डिक्टेट कराई और अंत में पूछा - मिस मेरी कुछ पूछना हो तो बताओ ?
स्टेनो - सर आपने डिअर सर और यूअर्स फैथफुली के बीच में क्या लिखवाया था ?
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पति अपनी पत्नी से - दुनिया में कैसे कैसे चार सौ बीस पड़े हैं सुबह सुबह दूधवाला मुझे खोटी चवन्नी पकड़ा गया . कहाँ है वह खोटी चवन्नी ?
पत्नी - मैंने वह सब्जीवाले को दे दी और धनिया खरीद ली .
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9 टिप्‍पणियां:

HARI SHARMA ने कहा…

बहुत बढिया बडे भैया

M VERMA ने कहा…

मजेदार चुटकुले, चुटीले भी - खासतौर पर अंतिम

महफूज़ अली ने कहा…

हा हा हा हा हा हा हा ... बहुत मजेदार चुटकुले..

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

मज़ा आया ...........

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! मजेदार..सब्जी वाले भी अपनी किस्मत को रो रहा होगा. :)

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

वाह महेंद्र जी..खूब हँसाए...धन्यवाद

Mithilesh dubey ने कहा…

हाहाहाहाहाहहहहाहाहाहाहा सभी लाजवाब लगे ।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

लाजवाब, बहुत शुभकामनाएं.

रामराम.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

मजेदार..