9.9.08

प्यार के जाम तुम मुझे बार-बार पिलाती क्यो हो

जो हरदिल अजीज था अब वह बेगाना हो गया
वो अन्जाना हो गया नजरे फेर ली उसने हमसे.

ये तो चाहत का नसीब है अंजाम वफ़ा है यारब
अजी दिल दीवाना हो गया ये कहने लगे सभी.

मिलना नसीब था या फ़िर बिछड़ना नसीब था
पास आना नसीब था या दूर जाना नसीब था.

इस दिलकश सवाल का जबाब तुम्ही बताते जाओ
हँसना नसीब है या फ़िर दिल का सिसकना ठीक है.

तुम्हारी बेरुखी का अब तक मै जहर पी चुका हूँ
प्यार के जाम तुम मुझे बार-बार पिलाती क्यो हो.

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.

15 टिप्‍पणियां:

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत खूब!

seema gupta ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.
"wow, very very interesting, good words selection"

Regards

विवेक सिंह ने कहा…

अच्छा है. बेहतरीन है . बधाई.

अनुराग ने कहा…

bahut khoob.....

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत सुंदर

संगीता पुरी ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.
बहुत अच्छा।

Advocate Rashmi saurana ने कहा…

kya baat hai aap to bhut hi sundar kavita likhte hai.

vineeta ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.

बहुत अच्छा है. बहुत ही सुंदर ...आनंद आ गया...

शोभा ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.
वाह ! क्या बात है बहुत सुंदर.

mamta ने कहा…

बहुत खूब।
अति सुंदर ।

जितेन्द़ भगत ने कहा…

nice

इस दिलकश सवाल का जबाब तुम्ही बताते जाओ
हँसना नसीब है या फ़िर दिल का सिसकना ठीक है.

pallavi trivedi ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.

bahut badhiya...

राज भाटिय़ा ने कहा…

महेन्दर जी आअप ने जान डाल दि लफ़्जो मे.
धन्यवाद

venus kesari ने कहा…

अच्छा गीत

ये तो चाहत का नसीब है अंजाम वफ़ा है यारब
अजी दिल दीवाना हो गया ये कहने लगे सभी.

ख़ास कर ये लाइनें अच्छी लगी

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प्रदीप मानोरिया ने कहा…

मेरी गरीबी में मेरे हरदिल अजीज गीत बिक गए थे
उन्हें सरेआम महफिलों में अब तुम दुहराती क्यो हो.
bahut sundar rachnaa hai