12.12.08

ये जिंदगी हमें दी है तो तेरी ख़ूबसूरत मोहब्बत ने

ये जिंदगी हमें दी है तो तेरी ख़ूबसूरत मोहब्बत ने
फूलो ने जैसे चमन में बहारो की ताजी खुशबू दी है.

तेरी फरामोशी का जिक्र ये जब सारा जमाना करेगा
वो समां आयेगा जब हर दिल आशिक दीवाना होगा.

सितारों को देख कर प्यार की महफ़िल याद आती है
फलक में देखकर चाँद को महबूब की याद आती है.

अपनी वफ़ा को सीने में लगाकर ठिकाना छोड़ चले है
न राहों न मंजिल की ख़बर फ़िर भी मुसाफिर बना हूँ।
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7 टिप्‍पणियां:

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" ने कहा…

Wah zanaab
chhaa gae

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

सुंदर अभिव्यक्ति!

"अर्श" ने कहा…

bahot khub likha hai aapne mishra ji... dhero badhai sahab aapko...

arsh

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत खुब.
धन्यवाद

seema gupta ने कहा…

"खुबसुरत भावों की सुंदर अभिव्यक्ति "
regards

रंजीत ने कहा…

mohobbat karne layak panktiyan.

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति!