28.12.08

पलक पांवडे बिछाये रहता हूँ सुबह शाम

याद करता हूँ हर रोज सुबह शाम तुझे
पलक पांवडे बिछाये रहता हूँ सुबह शाम.

इस दिल में बस तेरी मीठी यादे बसती है
खुदा से तेरे आने के लिए दुआ करता हूँ.

काश कभी गर ऐसा हो जाए ए मेरे खुदा
मेरे तन्हा ख्वाब हकीकत में बदल जाए.

वो मुझसे मिले और तमन्ना मेरी पूरी हो
मुझे फ़िर से बेइन्तजा मोहब्बत मिल जाए.

हर ख्बाव में हर तरफ़ हर नजर में बस
मुझे सीमा तुम ही तुम नजर आती हो.

मेरी बेपनाह मोहब्बत से तुम अंजान हो
क्या बात है मुझे तुम पसंद आने लगी हो.

दिल में अजीब टीस कशिश सी होती है
जब तुम मेरे ख्यालो में चली आती हो.

तेरी याद में जब लिखता हूँ मनपसंद शेर
ख्यालो और ख्बावो से दूर चली जाती हो.

11 टिप्‍पणियां:

mehek ने कहा…

bahut achhi lagi rachana badhai

ajay kumar jha ने कहा…

mahender bhai, ye andaaj bhee pasand aayaa.

राज भाटिय़ा ने कहा…

आप का हर शेर बेहतरीन है, बहुत सुंदर. धन्यवाद

विनय ने कहा…

बहुत सही, एक-2 बात दिल छू गयी!

SWAPN ने कहा…

mishra ji aapki tippni ke liye sadhuwad, aapne word verification ke liye likha hai sach kahun to mujhe samajh nahin aa raha hai, word verification kahan se kaise, karna hai aur uska kya beneit hai krapya ho sake to vistaar se ataen ho sake to mere phone no.09350879086 parcall karen ya message bhejen jisse main aapse sampark kar sakun aur aapki jaankari ka labh utha sakun. kasht ke liye kshama. yogesh swapn

SWAPN ने कहा…

punah aapki rachna maine padhi , maza aaya, bahut khoob badhai. yogesh swapn

"अर्श" ने कहा…

बहोत खूब लिखा है आपने ढेरो बधाई .................


अर्श

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" ने कहा…

महेंद्र भाई
नमस्कार
सुंदर लाइनें हैं
भाव अच्छे हैं
आपका
विजय

अल्पना वर्मा ने कहा…

काश कभी गर ऐसा हो जाए ए मेरे खुदा
मेरे तन्हा ख्वाब हकीकत में बदल जाए.
aameen!

bahut hi achchee ghazal hai.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

महेन्द्र जी, निसंदेह बहुत ही सुन्दर रचना
बधाई स्वीकारें

शोभा ने कहा…

दिल की गहराई से लिखी पंक्तियाँ हैं।