4.2.09

उदीयमान और अच्छे कलमकार ब्लागरो के बारे में आज चिठ्ठा चर्चा

28 टिप्‍पणियां:

seema gupta ने कहा…

"बदला हुआ ये रूप अच्छा लगा....चिठ्ठा चर्चा पढ़ कर मजा आया.."

Regards

रंजना ने कहा…

Sundar chracha hetu badhai.

Dr. Vijay Tiwari "Kislay" ने कहा…

चर्चा अच्छी लगी महेंद्र भाई, लिखते रहें
- विजय

हिमांशु ने कहा…

इस चर्चा का थोड़ा और विस्तार होता तो ठीक होता.
चर्चा अच्छी रही.

Anil Pusadkar ने कहा…

चर्चा अच्छी है महाराज,नए गेटअप मे जम रहे हो महेंद्र भैया ।

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

:) और आगे ..आपने बढ़िया चर्चा की है यह लिखा है .

mamta ने कहा…

ये नई शुरुआत तो आपने अच्छी की है ।

Aarjav ने कहा…

अच्छा है !

neeshoo ने कहा…

आपने कहा हमने सुना । बहुत अच्छा लगा । जी धन्यवाद आपका । हास्य जिंदगी में गायब हो रहा है ऐसे में ये पोस्ट अच्छी लगी ।

अनिल कान्त : ने कहा…

बहुत जानदार रही चर्चा ....

परमजीत बाली ने कहा…

चर्चा अच्छी है

PD ने कहा…

vaah bhai.. charcha mast rahi..
magar maine gusse me nahi chidh kar aisa kaha hai.. vo angreji me kahte hai na, irretate hona.. :)

विवेक सिंह ने कहा…

छा गए मिश्रा जी ! गज़ब चर्चा कर डाली !

व्यस्त रहने से अच्छा लगता है सही कहा आपने !

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

संयमित भाषा का प्रयोग करते हुए
आपने सज्‍जनता की निशानियां
बनाई हैं, इन्‍हें जमाये रहिये।

इस चिट्ठाचर्चा लिखने के बहाने
20 - 25 पोस्‍ट तो पढ़ ही जायेंगे
तभी तो गायेंगे ब्‍लागिस्‍तान के तराने।

राज भाटिय़ा ने कहा…

क्या बात है भाईया, मजा आ गया, बहुत अच्छा लगा.
धन्यवाद

Udan Tashtari ने कहा…

बेहतरीन चर्चा एवं विस्तृत कवरेज. वाकई इसमे से कुछ पढ़ने से रह गये हैं, आपका आभार. जारी रखें, शुभकामनाऐं.

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…

sunder chrcha

विनय ने कहा…

नया चिटठा चर्चा केन्द्र! बधाई

रंजन ने कहा…

बधाई इस चर्चा के लिये...शुभकामनाऐं आगे के लिये..

महेन्द्र मिश्र ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

ओह. रुको रुको... मैं तो रह ही गया ...:)

"अर्श" ने कहा…

सभी नवोदित उदीयमान उम्दा और श्रेष्ठ ब्लागरों को जिनका आपने जिक्र किया है ढेरो बधाई साथ में आपको भी इस सराहनीय कार्य के लिए ...

अर्श

बवाल ने कहा…

बहुत ही बेह्तरीन चिट्ठा चर्चा कर डाली सर। क्या कहना ! मज़ा आ गया। सुबह से जोल्ट को सम्भाल रहा था सो आप तक देर से पहुँचा।
ये काम वाक़ई बढ़िया किया आपने और निश्चित ही बड़े ख़ूबसूरत ढ़ंग से।

प्रदीप मानोरिया ने कहा…

very nice mazaa aa gayaa sabke baare men padhkar

नवीन शर्मा ने कहा…

मैं पांच बार पढ चुका हूं.. बहुत ही मज़ेदार है :)..

आदर सहित

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

मित्रो
आप सभी ने चिठ्ठा चर्चा में अभिव्यक्ति प्रदान कर मुझे अभिभूत कर दिया और अभिव्यक्ति से मेरा मानसिक संबल बढ़ा है . भविष्य में प्रयास करूंगा कि चिठ्ठा चर्चा में पुराने ब्लागरो के अलावा नए ब्लागरो की हौसला अफजाई करने के लिए उनके ब्लागों की चर्चा करूँगा. कृपया स्नेह बनाए रखे,

अल्पना वर्मा ने कहा…

bahut bahut shukriya itni sundar cahrcha karne hetu...der se pahunch payi..magar vanchit nahin hui.aagey bhi naye bloggers ko protsahan dete raheeye...ek bahut achcha prayaas hai.

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

अल्पना जी बहुत बहुत आभारी हूँ मुझे इस हेतु प्रोत्साहित करने के लिए. इस कार्य को मै पूर्ण सजगता के साथ निरंतर करूँगा . और मै आपको विश्वास दिलाता हूँ कि चर्चा में नव ब्लागरो को प्रोत्साहित करने के लिए हर सम्भव प्रयास करूँगा