18.6.09

मोहब्बत में मरने वाले दिलवर नाम करके ही जाते है

मोहब्बत में मरने वाले दिलवर नाम करके ही जाते है
मोहब्बत की तमाम यादे अपने साथ सहेज कर ले जाते है.
ooo
यारो एक ठोकर खाने के बाद इन्सान सुधर जाते है
कितनी दिक्कते हो वो उनका बखूबी सामना करते है.
ooo
समय इजाजत दे नहीं सकता जितना प्यार करना है कर लो
जिंदगी एक मौत ही है इसमें तुम गमो का इजहार कर लो .
ooo

9 टिप्‍पणियां:

श्यामल सुमन ने कहा…

मरकर नाम हुआ तो क्या फिर होगा लेकर नाम।
मरना अगर मुहब्बत में है फिर भेजें उसे सलाम।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

"अर्श" ने कहा…

aapke shayari ke kya kahane bhav alag hi andaaj me hote hai bahot khub sahib...

arsh

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही गहरे भाव लिये है आप के शेर.धन्यवाद

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

भगवान् से प्रार्थना है की वह आपको एक ही ठोकर लगाए!!
धन्यवाद!!

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

प्रवीण जी
आपकी टीप सर आँखों पर . यदि भावो पर आपत्ति हो तो हटा देता हूँ .
आभार.

ओम आर्य ने कहा…

bahut hi unda sher kahe hai...........bhai

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

अब आप भी खूबसूरत रचनाएँ प्रस्तुत कर रहें है ,बधाई .

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर ने कहा…

अरे सर जी ना जी ना!!

ऐसा मत करियो मेरा आशय तो मात्र भगवान से आपको आपकी अच्छाई सहित बचाए रखने का था!!

Science Bloggers Association ने कहा…

अरे भई, पर मरने की जरूरत ही क्‍या है। बिना मरे मोहब्‍बत में अमर होने का कोई रास्‍ता निकालिये।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }