16.2.10

जोग मुस्कुराने के लिए ....

वैलेंटाइन के दिन एक प्रेमी अपनी प्रेमिका दया से मिलने उसके घर गया . वहां उसे प्रेमिका के पिता मिले . उन्होंने पूछा - कहो कैसे हो ?
प्रेमी प्रेमिका के पिता से - बस आपकी दया चाहिए .
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ताउजी जी आंख दिखाने आँखों के डाक्टर के पास गए - बोले मुझे एक के दो दिखाई देते हैं .
आँखों का डाक्टर - क्या आप चारो को यही रोग है .
असल में डाक्टर को भी एक के चार दिखाई देते थे .
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एक आदमी दारू की झोंक में एक भैस से टकरा गया और वह बोला - माफ़ करना देवी जी गलती हो गई . तभी किसी ने कहा - तुम जिससे टकरा गए थे वह भैस थी . शराबी बोला भाई अब आगे से ध्यान रखूँगा . दारुखोर फिर आगे बढ़ा तो सड़क पर एक मोटी महिला से टकरा गया तो वह बोला - " लोग न जाने क्यों भैसों को सड़क पर आवारा खुला छोड़ देते है " .
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एक बार एक डाक्टर ने एक मरीज को मृत घोषित कर दिया तभी वह मरीज पलंग से उठाकर बैठ गया और डाक्टर से बोला - अरे मैं जिन्दा हूँ .
" चुप तुम डाक्टर से ज्यादा क्या जानते हो " ? हैड नर्स ने उसकी बात बीच में काटते हुए मरीज को डाँटते हुए कहा .
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एक ज्योतिषी ने अपने मित्र को सलाह देते हुए कहा - सुखी जीवन के लिए यह आवश्यक है की आप पिछली बातो को भूल जाए और अपने भविष्य के बारे में सोचे . तभी मित्र ने कहा यार - परसों तुमने जो सौ रुपये मुझसे उधार लिए थे वह दे देना भूल न जाना .

7 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत अच्छे है सब चुटकुले महेंद्र जी ........

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत खूब ......

फ़कीरा ने कहा…

मस्त जोग जी

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत बढ़िया जी!

वन्दना ने कहा…

hahahaha.......bahut badhiya.

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

mzedaar.

राज भाटिय़ा ने कहा…

मस्त जी सारे के सारे