27.2.09

जबसे गई है वो तो यादो ने मेरा पीछा न छोडा

उनकी अब याद न दिलाओ ये मस्त बहारो
बस इस तड़फते दिल को न ज्यादा तडपाओ.

कभी तुम्हारी यादे आयेगी मेरे इस दिल में
इसी उम्मीद के सहारे मेरा दिल धड़क रहा है.

इस दिल को जब तेरी बहुत ही याद आती है
धड़कता है ये दिल अश्क आँखों से निकलते है.

मेरा पीछा जिंदगी भर उनकी छाया ने न छोडा
जबसे गई है वो तो यादो ने मेरा पीछा न छोडा.

जाते वक्त तुम मेरा संदेशा उन तक ले जाना
वो अभी तक नहीं भूले है और न मै भूला हूँ .

7 टिप्‍पणियां:

विनय ने कहा…

महेन्द्र जी बहुत ही अच्छा लिखा है!

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गुलाबी कोंपलें
चाँद, बादल और शाम

रंजना ने कहा…

SUNDAR BHAAV.......

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत अच्‍छा लिखा है...

राज भाटिय़ा ने कहा…

महेन्दर जी क्या कहने, बहुत ही सुंदर.
धन्यवाद

vandana ने कहा…

sundar bhav

प्रकाश बादल ने कहा…

बहुत बढिया महेन्द्र भाई, बहुत ही अच्छी अभिव्यक्ति

रवीन्द्र रंजन ने कहा…

स‌चमुच बहुत अच्छी पंक्तियां हैं। मुझे खासी पसंद आईं। बधाई हो स‌र।