29.5.09

स्वाईन फ्लू से निजात दिलाये तुलसी की पत्तियां

तुलसी का उपयोग कई बीमारियों को दूर करने के लिए सदियो से किया जा रहा है . तुलसी के बारे में कहा जाता है कि व्यक्ति यदि खाली पेट तुलसी की चार-पॉँच पत्तियों का नियमित सेवन करे तो उसे कई बीमारियो से छुटकारा मिल सकता है. वैज्ञानिको ने भी अपने अनुसंधानों में तुलसी के सेवन को लाभप्रद और उपयोगी बताया है. आयुवेदाचार्यो ने हाल में बताया है कि तुलसी स्वाईन फ्लू को दूर रखने के लिए उपयोगी और लाभप्रद है. स्वाईन फ्लू से पीड़ित आदमी तुलसी का सेवन कर शीघ्र स्वास्थ्य हो सकता है.





वैज्ञानिको ने अभी हाल में ही तुलसी में स्वाईन फ्लू विरोधी तत्व पाए है. तुलसी के उपयोग से मनुष्यों में रोग प्रतिरोधक तीव्र गति से बढ़ती है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता वाइरल फीवर से निजात दिलाने में सहायक सिद्ध होती है. यदि बीस-तीस तुलसी की पत्ती का खाली पेट सेवन किया जाये तो यह स्वाईन फ्लू से बचाव किया जा सकता है.

तुलसी हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है इसीलिए उनका पूजन कर उन्हें तुलसी माता के नाम से संबोधित किया जाता है .

तुलसी के तीन प्रकार होते है. रामा श्यामा और केतुकी . रामा तुलसी की पत्तियां हरे रंग की और श्यामा तुलसी की पत्तियां काले कथ्थई रंग की होती है. श्यामा तुलसी विभिन्न प्रकार की बीमारियो से निपटने के लिए रामवाण दवा मानी जाती है.

14 टिप्‍पणियां:

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

तुलसी के गुण बहुत है सच में .शुक्रिया इस जानकारी के लिए

राज भाटिय़ा ने कहा…

आप का धन्यवाद इस सुंदर जानकारी के लिये, लेकिन हमारे यहां तुलसी होती नही, मै भारत से तुलसी के बीज लाया हुं, काफ़ी बार वोये लेकिन तुलसी हुयी नही, अभी काफ़ी बीज पडे है बार बार ट्राई करुगां.
धन्यवाद

निरन्तर- महेन्द्र मिश्र ने कहा…

राज भाटिया जी
नमस्ते
कृपया भारत देश की माटी ले जाए और फिर तुलसी के बीज डाले तो आपको सफलता हासिल हो जाए . मुझे लगता है कि तुलसी को शायद जर्मनी कि माटी पसंद (रास) न आ रही हो . मै इस बारे में जल्दी ही कृषि विश्व विद्यालय जबलपुर के विशेषज्ञो से बात कर आपको सूचित करूँगा.
टीप हेतु आभारी हूँ .

P.N. Subramanian ने कहा…

तुलसी की महानता को रेखांकित करने के लिए आभार. साधारणतया श्याम तुलसी घरों में नहीं पायी जाती. हम जिसकी पूजा करते हैं वह राम तुलसी ही है. श्याम तुलसी की गंध भी कुछ अलग ही है. .

निरन्तर- महेन्द्र मिश्र ने कहा…

पी एन सुब्रमनियन जी
मै आपके इस विचार से सहमत हूँ कि राम तुलसी का पूजन घरो में किया जाता है परन्तु श्यामा और जंगली तुलसी घरो में नहीं पाई जाती है ये बाहर ही पाई जाती है . जंगली तुलसी के बारे में एक जानकारी देना चाहता हूँ कि जिन घरो में जंगली तुलसी के पौधे होते है वहां घरो में इसकी गंध के कारण कीडे मकूडे सांप खटमल और मस्क्यूटो प्रवेश नहीं करते है .
टीप के लिए आभार.

Udan Tashtari ने कहा…

हमने यहाँ तुलसी जी का पौधा लगाने का प्रयास किया था..घर के भीतर भी और बाहर भी. दोनों ही नहीं लग पाये शायद मिट्टी और जलवायु-दोनों ही मुफीद न हों.

Udan Tashtari ने कहा…

श्यामा तुलसी का अर्क भी आता है क्या?

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

तुलसी में तो अनंत गुण हैं ,यह किसी एक नहीं कई मर्जों की विश्वसनीय औषधि है .

रंजना ने कहा…

Sahi kaha aapne...

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

बड़ा जबरदस्त बिजनेस प्रोपोजीशन बन सकता है यह। नया बायोकॉन खड़ा हो सकता है!

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने कहा…

तुलसी जी के पौधे को ( होली Holy= माने पवित्र ) बेसोलिका भी कहते हैँ -
यहाँ ( अमरीका मेँ )
कई भारतीय घरोँ मेँ
बडे गमलोँ मेँ ,
तुलसी जी को फूलते फलते हुए देखा है मैँने और ये लोग तुलसी जी के आगे पीछे पवित्रता का भी ध्यान रखते हैँ -
- लावण्या

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

तुलसी अनगिनत रोगो का इलाज़ है,
अपने बहुत अच्छा बताया,
तुलसी का उपयोग समझाया,
बहुत बहुत धन्यवाद,

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत उपयोगी जानकारी .

रामराम.

om ने कहा…

ketuki tulasi ke bare men kuch aur jankari dijiye.
Regards.
Om Singhania