1.9.09

चुटकुले हंसी के खजाने से सराबोर

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महाताऊ श्री एक बार निमंत्रण में ताउजी के यहाँ खाना खाने गए . महाताउश्री ने जो खाना खाना शुरू किया तो खाते चले गए और देखते ही देखते २० रोटी खा गए . ताउजी यह सब देखकर हैरत में पड़ गए सोचने लगे यदि इसी तरह से मेहमान महोदय खाना खाते रहे तो मेरा भटरा बैठ जायेगा . यह सोचकर ताउजी खिसिया गए और बोले यार तुम तो खाते ही चले जा रहे हो खाने के दौरान क्या आप पानी वगैरा नहीं लेते ?
ताऊ महाश्री - पीता हूँ मगर आधा खाना खाने के बाद.
०००००

एक साहब ने एक पेटू पंडित को खाना खाने का निमंत्रण दिया था . पंडितजी ने भरपेट खाना खाया और अपनी तौंद पर हाथ फेरते हुए - "बस भर गई है"
साहब ने मलाई की एक प्लेट और पंडित जी के सामने रख दी - पंडित जी ने मलाई की प्लेट भी साफ़ कर दी . वाही पास में खड़े होकर ताउजी यह सब देख रहे थे उनसे रहा न गया बोले - पंडितजी अभी तो आप कह रहे थे की "बस भर गई है" फिर मलाई की प्लेट आपने कैसे साफ़ कर दी .
पंडित जी बोले - जजमान बस तो भर गई थी पर कंडेक्टर की सीट खाली थी .
०००००

एक ब्लॉगर दूसरे ब्लॉगर से - दस साल से ब्लॉग लिखने के बाद मुझे बाद में पता चला की मुझमे सृजन शीलता की प्रतिभा बिलकुल भी नहीं है .
दूसरा मित्र ब्लॉगर - तो तुमने आखिर ब्लॉग लिखना क्यों बंद कर दिया ?
ब्लॉगर - नहीं ब्लॉग लिखना बंद करने से पहले मै काफी प्रसिद्द हो गया था .....है हे हेए .
०००००

19 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

haa haa haa bahut khoob

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…

Khub Hasaya..bahut badhiya
badhayi...aise hi sabkohasate rahiye ...

श्यामल सुमन ने कहा…

मजेदार प्रस्तुति।

Udan Tashtari ने कहा…

हा हा हा!! सही है..

राज भाटिय़ा ने कहा…

मजे दार जी

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

चुट की पुट पुट
पसंद आई।

Mithilesh dubey ने कहा…

वाह-वाह-वाह-वाह
वाह-वाह-वाह-वाह बहुत खुब

Amit K Sagar ने कहा…

सिसकती हुई ज़िन्दगी में हंसी की इक बूँद भी बहुत है...बहुत बहुत धन्यवाद. जारी रहें.
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आप हैं उल्टा तीर के लेखक / लेखिका? और भी बहुत कुछ...विजिट करें अभी- [उल्टा तीर] please visit: ultateer.blogspot.com/

दर्पण साह "दर्शन" ने कहा…

:)



ब्लॉगर - नहीं ब्लॉग लिखना बंद करने से पहले मै काफी प्रसिद्द हो गया था .....है हे हेए .
......wah wa !!
sahi hai...

आदित्य आफ़ताब "इश्क़" ने कहा…

मजेदार ................. प्रस्तुति

Babli ने कहा…

वाह वाह! बहुत बढ़िया! इतना मज़ेदार लगा की हँसते हँसते पेट में दर्द हो गया!

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

जय हो ताऊ/महाताऊओं की, महंगाई का कारण समझ आगया.:)

रामराम.

सिद्धार्थ जोशी Sidharth Joshi ने कहा…

कभी कभी मुझे लगता है कवि और ब्‍लॉगर में कुछ खास अंतर नहीं है। दोनों को ही झेलना मुश्किल होता है। ब्‍लॉगर की रीच तो इतनी अधिक है कि कवि भी शरमा जाए :)

seema gupta ने कहा…

हा हा हा हा हा हा एक से बढ़ कर एक हा हा हा

regards

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

अपके चुटकलों नें तो हॉसा हँसा के दुबारा से भूख लगवा दी....बडी मुश्किल से तो ये तोंद भरी थी:)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

कंडक्टर की सीट तो हमारे पास भी खाली है! :)

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

कंडक्टर की सीट तो हमारे पास भी खाली है! :)

जी.के. अवधिया ने कहा…

वाह! मजा आ गया!!

मिश्र जी ऐसे ही हँसाते रहिए।

Dinesh Kumar ने कहा…

शानदार प्रस्तुति महोदय कृपया एक बार Hindi Jokes पर भी पधारें और रिव्यु करें