3.10.09

बिखर गए जब सारे सपने जब उन्हें आखरी सलाम लिखा

पत्थर रख कर जब सीने पर ख़त प्यार का आखिरी लिखा
बिखर गए जब सारे सपने जब उन्हें आखरी सलाम लिखा.

हर ख़ुशी तुझको देकर वे तेरी इस दुनिया को छोड़ देंगे
एक हम है जाते जाते तुझे आखिरी चिठ्ठी छोड़ जायेंगे.

वफ़ा या बेवफाई तूने की है इससे मुझे कोई शिकवा नहीं
मैंने तो बस तुझे चिठ्ठी लिखी थी और कुछ तो कहा नहीं.

अगर मोहब्बत सच्ची हो तो चाहत ही मोहब्बत होती है
ऊपर वाला साथ देगा दिल से अगर मोहब्बत सच्ची हो
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8 टिप्‍पणियां:

महफूज़ अली ने कहा…

वफ़ा या बेवफाई तूने की है इससे मुझे कोई शिकवा नहीं
मैंने तो बस तुझे चिठ्ठी लिखी थी और कुछ तो कहा नहीं.

wah ! yeh lines ne dil khush kar diya....


bahut achcha likha hai aapne...

Rajey Sha ने कहा…

आपके व्‍यक्तित्‍व में चश्‍मा बहुत ही प्रभावी है मिश्र जी।

रश्मि प्रभा... ने कहा…

अगर मोहब्बत सच्ची हो तो चाहत ही मोहब्बत होती है
ऊपर वाला साथ देगा दिल से अगर मोहब्बत सच्ची हो
sach hai....

Arvind Mishra ने कहा…

लिखते हैं आप जोरदार भी कभी कभी -कोई जरूरी नही हों असरकार सभी

lalit sharma ने कहा…

हर ख़ुशी तुझको देकर वे तेरी इस दुनिया को छोड़ देंगे
एक हम है जाते जाते तुझे आखिरी चिठ्ठी छोड़ जायेंगे.
बहुत बढीया महेन्द्र जी राम-राम

राज भाटिय़ा ने कहा…

पत्थर रख कर जब सीने पर ख़त प्यार का आखिरी लिखा
बिखर गए जब सारे सपने जब उन्हें आखरी सलाम लिखा.
बहुत सुंदर लिखा,
धन्यवाद

creativekona ने कहा…

महेन्द्र जी,
बहुत सुन्दर रचना।पढ़ कर अच्छा लगा।
हेमन्त कुमार

दर्पण साह "दर्शन" ने कहा…

Ek se bhadkar ek badhiya PUNCH !!