मेरी इन आँखों में बसे सारे ख्बाब तुम ले जाओ
दिल में धड़कते सभी अरमां आकर तुम ले जाओ.
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मेरी दुनिया में तुमको लौट कर आना ही नहीं है
सारे ख़त लौटा दो आकर अपने जबाब ले जाओ.
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आखिर भरी दुनिया में दिल को बहलाने कहाँ जाये
उनसे मोहब्बत हो गई चाहने वाले दीवाने कहाँ जाए.
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9 टिप्पणियाँ:
खूबसूरत शब्दों के साथ .....सुंदर रचना..........
बेहद खूबसूरत रचना । आभार ।
बहुत बढ़िया.
nice
nice
nice
मेरी दुनिया में तुमको लौट कर आना ही नहीं है
सारे ख़त लौटा दो आकर अपने जबाब ले जाओ.
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है शुभकामनायें
bahut sundar .
खूबसूरत कता कही है आपने ।
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